शहीद दिवस पर भाषण – Shaheed Divas Par Speech In Hindi

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शहीद दिवस पर भाषण – Shaheed Divas Par Speech

शहीद दिवस भारत में उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है जो भारत की आजादी, शांति और प्रगति के लिए लड़ें ओर अपने प्राणों की शहादत दे दी इसे पूरे भारत वर्ष में 30 जनवरी दिवस पर मनाया जाता है भारत विश्व के इन 15 देशों मैं शामिल है जहां पर पूरे भारतवर्ष में स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजली को देने के लिए शहीद दिन मनाया जाता है

महात्मा गांधी जनम से ही बनियां थे वो खुद का धर्म इंसानियत में मानते थे उनके अनुसार युद्ध एक कुंदा हथियार है और अहिंसा आजादी पाने के लिए बहुत अच्छा हथियार है और वह भी उनका अनुसरण करते थे

शहीद दिवस 2019

2019 में शहीद दिवस भारत में 30 जनवरी बुधवार को मनाया गया और 23 मार्च 2019 शनिवार को मनाया जाएगा

Shaheed divas par speech

शहीद दिन 2019 का विशेष (30 January)

हर वर्ष की तरह इस बार भी देश में जोश और उत्साह के साथ शहीद दिन मनाया गया इस दिन देश के कई राजनेताओं द्वारा महात्मा गांधी और अन्य प्राण त्याग देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी इसके साथ ही इस दिन देश भर में तरह के कार्यक्रमों अथवा श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाएगा

शहीद दिवस के एक दिन पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने शहीद दिवस के अवसर देखते हुए महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हम भी श्री बापू के रास्ते को अपनाकर देश में शांति और तरक्की का बढ़ावा दिया इसके साथ ही 27 जनवरी रविवार के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडिओ पर मन की बात के कार्यक्रम आने वाले शहीद दिवस के अवसर पर के लोगों से बापू की आगामी पुण्यतिथि पर महात्मा गांधी और देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करने का आग्रह किया

इस दिन राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति प्रधानमंत्री शिक्षा मंत्री केंद्रीय मंत्री सभी नेताओं राज घाट स्मारक पर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि देने के लिए कट्ठा होते हैं जहां पर भारतीय शहीदों और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी जाती है इस दिन लोग भारतीय शहीदों की स्मृति पर दो मिनिट मौन धारण करते हैं

इस दिन कई कॉलेजों और स्कूलों में कार्यक्रम होते हैं जहां पर छात्रा देशभक्ति के गीत गाते हैं और नाटकों का प्रदर्शन करते हैं शहीदों का दिन 23 मार्च को भी मनाया जाता है जिस दिन शहीद भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है

शहीद दिवस – 23 मार्च

23 मार्च 2019 को शहीद दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक द्वारा महान देशभक्ति के साथ मनाया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों के सदस्य शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे जिन्होंने बहुत कम उम्र में देश के लिए अपना बलिदान दिया।

नमन- शहीदो के सपने को, एक सामाजिक और सांस्कृतिक विकास संगठन हमारे राष्ट्र के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद दिवस पर एक मार्च का आयोजन करेगा जिन्होंने अपनी मातृभूमि के लिए सीमाओं पर अपना बलिदान दिया। मार्च जमशेदपुर के एग्रिको ग्राउंड से रवाना किया जाएगा। संगठन इस अवसर पर लगभग 45 सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों को भी सुविधा प्रदान करेगा।

देश भर के स्कूल और कॉलेज निबंध, ड्राइंग और पेंटिंग और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करके दिन का निरीक्षण करेंगे। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को दिखाने वाले बच्चों द्वारा नाटक और स्किट का आयोजन भी स्कूलों में किया जाएगा।

23 मार्च को शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है

23 मार्च को बलिदान दिवस को याद करने और भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत में शहीद दिवस के रूप में घोषित किया जाता है। भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर ने स्वतंत्रता के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारत के लिए लड़ाई लड़ी थी। भारत के इतिहास के जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को पंजाब के लायलपुर में सिख परिवार में हुआ था। उनके पिता भारत की स्वतंत्रता के लिए काम करने वाले ग़दर पार्टी नामक एक संगठन के सदस्य थे। भगत सिंह ने अपने साथियों राजगुरु, आज़ाद, सुखदेव और जय गोपाल के साथ मिलकर लाला लाजपत राय की हत्या के लिए लड़ाई लड़ी। भगत सिंह का साहसी कारनामा आज के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है।

वर्ष 1929 में, 8 अप्रैल को उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा पढ़ते हुए केंद्रीय विधान सभा पर बम फेंके। उन्होंने हत्या का आरोप लगाया और वर्ष 1931 में 23 मार्च को लाहौर जेल में शाम 7.30 बजे फांसी लगा ली। उनका शव सतलज नदी के किनारे पर अंतिम संस्कार किया गया। अब एक दिन, हुसैनीवाला (भारत-पाक सीमा) में राष्ट्रीय शहीद स्मारक में जन्मस्थान फिरोजपुर में एक बड़ा शहीदी मेला (शहीदी मेला) आयोजित किया जाता है।

निष्कर्ष:-

यह भाषण उन सभी एसके वीर सपूतों के बलिदान देश के लिए वीरगति को प्राप्त हुए उन्होंने अपने बलिदान देकर इस देश को नहीं झुकने दिया

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admin Administrator
Namaskar dosto Mera naam Pravin Kumar hai. Mai HSC (Higher Secondary Education Board) kiya hu. Or meri Age 21 Year hai. Mai India ke गुजरात के छोटे से शहर महेसाना से हूँ। Mai blogging ki start 2016 me ki thi or is ke baad me Job kar raha hu. Fir Maine blogging start kiya hua hai or online janakari Hindi me share karta hu. Me chahta hu ki logo ko online janakari Hindi me mile or Apna online business start kar sake jo log blogging or online janakari / internet janakari Lena chahte hai to unke liye achha hai. Oye apun ko step by step follow kar sakte Ho. Web Developer, Digital Marketing, Blogging Tips, Business Start planning Tech4guru – Hindi Me Help
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